मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले एक वर्ष के दौरान धर्मांतरण, शादी के नाम पर धोखाधड़ी और युवतियों के शोषण से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2021 में लागू हुए मध्यप्रदेश धर्म स्वातंत्रता अधिनियम के बाद राज्यभर में 300 से अधिक प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।
जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच केवल भोपाल में ही करीब तीन दर्जन मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कई मामलों की जांच जारी है।
केस 1: नौकरी के नाम पर शोषण का आरोप, दो महिलाएं गिरफ्तार
ताजा मामला भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र का है, जहां दो युवतियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, उन्हें नौकरी का झांसा देकर घर पर काम पर रखा गया और बाद में कथित रूप से देह व्यापार में धकेला गया।
पुलिस ने इस मामले में दो महिला आरोपियों और एक दलाल को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एक अन्य पीड़िता ने भी बयान दिया है कि उसे बेहतर जीवनशैली और रोजगार का प्रलोभन दिया गया था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य छात्राओं को भी संपर्क किया गया था।
केस 2: कॉलेज छात्राओं से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला
अप्रैल 2025 में भोपाल के बागसेवनिया, जहांगीराबाद और ऐशबाग थानों में दर्ज मामलों में एक निजी कॉलेज की छात्राओं के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप सामने आए।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी के मोबाइल से आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। आरोप है कि युवतियों को पहले दोस्ती और शादी का झांसा दिया गया, फिर उनके वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। इस मामले में कई आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।
पुलिस ने बताया कि मामले की चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की जा रही है।
केस 3: नाबालिगों से दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का दबाव
अप्रैल 2025 में टीटी नगर और बैरागढ़ थाना क्षेत्र में दो नाबालिग सहेलियों ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि उन्हें शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए और बाद में धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पोक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
केस 4: छात्रा से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग
जनवरी 2026 में शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में एक छात्रा की शिकायत पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि आरोपी ने दोस्ती कर विश्वास हासिल किया और बाद में वीडियो बनाकर पैसों की मांग की। पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ वाहन भी जब्त किए गए हैं।
जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
भोपाल पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है। जिन मामलों में धर्मांतरण का आरोप है, उनमें मध्यप्रदेश धर्म स्वातंत्रता अधिनियम 2021 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवतियों को सोशल मीडिया, नौकरी, दोस्ती या शादी के बहाने फंसाने के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इन मामलों के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
प्रशासन ने अभिभावकों और छात्राओं से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।